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Kairana news; साइबर धोखाधड़ी का शिकार युवक को मिली राहत: साइबर सेल ने 10 हजार रुपये वापस कराए, तत्परता से की कार्रवाई

अतुल्य भारत चेतना
मेहरबान अली कैरानवी

कैराना/शामली। ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच कैराना कोतवाली की साइबर सेल टीम ने एक युवक के खाते से ठगों द्वारा हड़पे गए 10 हजार रुपये की पूरी राशि मात्र कुछ ही घंटों में वापस करा दी। यह सफलता न केवल पीड़ित के लिए वरदान साबित हुई, बल्कि साइबर अपराधों के खिलाफ प्रशासन की तत्परता का भी प्रतीक बनी। एसपी शामली के सख्त निर्देशों पर साइबर टीम ने बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर रिकवरी सुनिश्चित की, जो क्षेत्रवासियों के लिए सुरक्षा का संदेश दे रही है।

धोखाधड़ी का जाल: OTP के बहाने खाते से उड़ाए 10 हजार

कैराना कस्बे के मोहल्ला अफगानान निवासी युवक बिलाल ने बताया कि विगत दिनों उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए कहा कि उसके खाते में कुछ रुपये जमा हो रहे हैं, और इसके लिए OTP (वन टाइम पासवर्ड) की जरूरत है। भरोसा हो जाने पर बिलाल ने बिना सोचे-समझे OTP बता दिया। इसके तुरंत बाद उसके पंजाब नेशनल बैंक की कैराना शाखा में स्थित खाते से 10 हजार रुपये की धनराशि अनधिकारिक रूप से निकाल ली गई।

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बिलाल ने घटना के तुरंत बाद कैराना कोतवाली स्थित साइबर हेल्प डेस्क पर प्रार्थना पत्र दाखिल किया। उन्होंने शिकायत में विस्तार से कॉल विवरण, OTP साझा करने की प्रक्रिया तथा धोखाधड़ी की पुष्टि के लिए बैंक स्टेटमेंट संलग्न किया। पीड़ित ने कहा, “मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि इतनी छोटी सी चूक इतनी बड़ी रकम का नुकसान कर देगी। लेकिन साइबर टीम की मदद से सब ठीक हो गया।”

एसपी के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई: राशि की शत-प्रतिशत वसूली

शिकायत मिलते ही एसपी शामली नरेंद्र प्रताप सिंह ने कोतवाली पर तैनात साइबर सेल टीम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। एसपी ने स्पष्ट कहा कि साइबर अपराधों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और पीड़ित को जल्द से जल्द राहत प्रदान की जाए। इसी क्रम में साइबर सेल की टीम ने बैंक अधिकारियों के साथ संपर्क साधा, ट्रांजेक्शन डिटेल्स की जांच की तथा धोखाधड़ी वाले खाते को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

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टीम ने साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से ठग के IP एड्रेस व मोबाइल नंबर का ट्रेसिंग भी किया, हालांकि मुख्य फोकस राशि वसूली पर रहा। मात्र कुछ घंटों की मेहनत के बाद 10 हजार रुपये की पूरी राशि बिलाल के खाते में वापस जमा करा दी गई। यह कार्रवाई न केवल तकनीकी दक्षता का प्रमाण है, बल्कि साइबर अपराधियों के लिए चेतावनी भी। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने टीम की सराहना करते हुए कहा, “साइबर सेल की सक्रियता से पीड़ितों को तुरंत न्याय मिल रहा है। हम सभी को सतर्क रहने की सलाह देते हैं।”

पीड़ित का आभार: साइबर टीम को दिल से धन्यवाद

राशि वापसी के बाद बिलाल ने कोतवाली पहुंचकर साइबर सेल टीम का धन्यवाद दिया। उन्होंने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक समयपाल अत्री, अपराध निरीक्षक योगेंद्र सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अरुण कुमार, कम्प्यूटर ग्रेड-बी अनिल कुमार, कांस्टेबल मानवेन्द्र सिंह तथा पूरी साइबर सेल टीम को पुष्पांजलि अर्पित की। बिलाल ने कहा, “इन अधिकारियों की मेहनत से मेरा भरोसा बहाल हुआ। अब मैं दूसरों को भी सलाह दूंगा कि कभी भी OTP न शेयर करें।”

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सतर्कता का संदेश: साइबर अपराधों से बचाव के उपाय

यह घटना साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे को उजागर करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, ठग अक्सर ‘फिशिंग’ तकनीक का उपयोग करते हैं, जहां वे बैंक या सरकारी अधिकारी बनकर व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर लेते हैं। कैराना कोतवाली ने नागरिकों के लिए जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है, जिसमें OTP कभी न शेयर करने, संदिग्ध कॉल्स पर सतर्क रहने तथा तुरंत साइबर हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज करने जैसे टिप्स शामिल होंगे।

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News Desk

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