अतुल्य भारत चेतना
प्रमोद कश्यप
छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के विकास खंड कोटा के संकूल केंद्र कलमीटर में 8 अक्टूबर 2025 को एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित राजकीय शिक्षक शिवकुमार छत्रवाणी (शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिलदहा) तथा संकूल केंद्र कलमीटर से सेवानिवृत्त शिक्षकों जागेश्वर प्रसाद साहू, महावीर यादव, बहोरन लाल मांडवा तथा गोविंद दास वैष्णव का गरिमामय सम्मान किया गया। समारोह में संकूल केंद्र के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्षगण तथा स्थानीय ग्रामीणों की जबरदस्त उपस्थिति रही, जो शिक्षा क्षेत्र में योगदान देने वाले गुरुजनों के प्रति सम्मान का प्रतीक बना। इस आयोजन ने संकूल केंद्र कलमीटर एवं विकास खंड कोटा को प्रदेश स्तर पर गौरवान्वित किया।
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राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षक शिवकुमार छत्रवाणी का सम्मान: नवाचार और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल
समारोह का मुख्य आकर्षण राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक शिवकुमार छत्रवाणी का सम्मान रहा। छत्रवाणी शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, अनुशासन तथा कर्तव्यनिष्ठा के लिए विख्यात हैं। उन्हें राज्यपाल महामहिम श्री रमेश डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा शिक्षामंत्री श्री गजेंद्र यादव द्वारा राजभवन के राजदरबार हॉल में गौरवपूर्ण समारोह में सम्मानित किया गया था। समारोह में छत्रवाणी ने अपने उद्बोधन में सफलता का राज साझा किया। उन्होंने तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस की पंक्तियां—”सकल पदारथ है जग माही, कर्महीन नर पावत नाही”—उद्धृत करते हुए कहा कि यह घटना कर्म की महत्वपूर्णता को दर्शाती है।
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छत्रवाणी ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत और समर्पण को देते हुए उपस्थित शिक्षकों को कर्तव्य बोध पर गहराई से व्याख्यान दिया। उन्होंने साबित किया कि उक्तियां उनके जीवन पर हू-ब-हू लागू होती हैं। उनके योगदान से संकूल केंद्र कलमीटर एवं विकास खंड कोटा का नाम पूरे प्रदेश में गुंज रहा है, जैसा कि समारोह की अध्यक्षता कर रहीं संकूल प्रभारी श्रीमती विभा श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा। श्रीवास्तव ने छत्रवाणी जैसे शिक्षकों की बदौलत संकूल केंद्र की प्रतिष्ठा बढ़ने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान: शिक्षा क्षेत्र में योगदान की सराहना
समारोह में संकूल केंद्र कलमीटर से सेवानिवृत्त शिक्षकों जागेश्वर प्रसाद साहू, महावीर यादव, बहोरन लाल मांडवा तथा गोविंद दास वैष्णव का भी गरिमामय सम्मान किया गया। इन शिक्षकों ने वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में अथक योगदान दिया है, जिसकी सराहना करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह, शॉल एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। सेवानिवृत्त शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए और युवा शिक्षकों को प्रेरित किया कि शिक्षा केवल पेशा नहीं, बल्कि जीवन का मिशन है। समारोह में उपस्थित शिक्षकों एवं ग्रामीणों ने इन शिक्षकों के योगदान को याद करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उनके समर्पण का प्रमाण माना गया, जो भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
समारोह की विशेषताएं: शिक्षकों और ग्रामीणों की जबरदस्त उपस्थिति
समारोह में संकूल केंद्र कलमीटर के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा संकूल केंद्र से जुड़े विद्यालयों की शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्षगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रधान पाठक एस.के. छत्रवाणी, राजेंद्र गंधर्व, एस.के. राज, आर.पी. गहवई, श्रीमती करुणा श्यामले, चंद्रकांत मांडवा आदि शिक्षकगण मौजूद थे, जिन्होंने समारोह को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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समारोह का संचालन संकूल प्रभारी श्रीमती विभा श्रीवास्तव ने किया, जिन्होंने कहा, “यह आयोजन हमारे संकूल केंद्र की गरिमा को बढ़ाता है। ऐसे शिक्षकों की बदौलत हमारा विकास खंड प्रदेश में जाना जाता है।” ग्रामीण जनों ने भी समारोह में भाग लिया और शिक्षकों के योगदान पर प्रसन्नता व्यक्त की।
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समारोह का महत्व: शिक्षा क्षेत्र में प्रेरणा का स्रोत
यह सम्मान समारोह शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल साबित हुआ, जो शिक्षकों के समर्पण को सम्मानित करने का माध्यम बना। ऐसे आयोजन न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि छात्रों और ग्रामीण समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाते हैं। समारोह ने साबित किया कि कर्तव्यनिष्ठा और नवाचार से कोई भी उपलब्धि हासिल की जा सकती है। विकास खंड कोटा एवं संकूल केंद्र कलमीटर के लिए यह गौरव का क्षण रहा, जो आगे भी ऐसे आयोजनों को प्रेरित करेगा।

