Physically Tired, Mentally Retired – Prashant Kishore Ka Bihar CM Nitish Kumar Par Bada Bayan! चुनावी रणनीतिकार और जन सुराज पार्टी के प्रमुख, प्रशांत किशोर, ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बारे में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार शारीरिक रूप से थक चुके हैं और मानसिक रूप से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इसके साथ ही, उन्होंने भविष्यवाणी की है कि नवंबर 2025 के बाद नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे।
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नीतीश कुमार की वर्तमान स्थिति पर प्रशांत किशोर की टिप्पणी
प्रशांत किशोर ने इंडिया टुडे टीवी के साथ एक साक्षात्कार में कहा, “नीतीश कुमार शारीरिक रूप से थक चुके हैं और मानसिक रूप से रिटायर हो चुके हैं।” उन्होंने यह भी दावा किया कि नीतीश कुमार अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों और उनके विभागों के नाम कैमरे पर बताने में सक्षम नहीं हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि नीतीश कुमार अब बड़े राजनीतिक प्रयास करने की स्थिति में नहीं हैं।
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भविष्यवाणी: नवंबर 2025 के बाद नीतीश कुमार नहीं रहेंगे मुख्यमंत्री
प्रशांत किशोर ने यह भी भविष्यवाणी की है कि नवंबर 2025 के बाद नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे, चाहे एनडीए गठबंधन चुनाव जीते या नहीं। उन्होंने कहा, “जब सीटों का बंटवारा होगा, तो जेडीयू 100 सीटों पर लड़ सकती है, लेकिन अगर 2025 में एनडीए जीत भी जाती है, तो अगले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नहीं होंगे। बीजेपी अपना खुद का मुख्यमंत्री बनाएगी।”
भाजपा और जदयू के बीच संबंधों पर प्रभाव
प्रशांत किशोर के इन बयानों ने भाजपा और जदयू के बीच संबंधों पर भी प्रभाव डाला है। भाजपा के नेताओं ने प्रशांत किशोर की टिप्पणियों पर नाराजगी व्यक्त की है। भाजपा एमएलसी नवल किशोर ने प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए कहा, “प्रशांत किशोर किस चिड़िया का नाम है?” इसके अलावा, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता नलिन कोहली ने कहा कि प्रशांत किशोर जदयू के ही नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के लिए भी काम करते हैं।
सुशील मोदी की प्रतिक्रिया
बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी प्रशांत किशोर पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे लालटेन पार्टी (राजद) के लिए काम करने लगे हैं, इसलिए उन्हें राजद शासन के दौरान का भ्रष्टाचार नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि जदयू और राजद का गठबंधन बेनामी संपत्ति और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर टूटा था, और भाजपा ने बिहार को मध्यावधि चुनाव के बोझ से बचाने के लिए बिना शर्त जदयू का समर्थन किया था।
नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया
इन सभी बयानों के बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि भाजपा और जदयू के बीच सब कुछ ठीक है। उन्होंने कहा, “सब ठीक है।” इससे यह संकेत मिलता है कि नीतीश कुमार इन विवादों को तूल नहीं देना चाहते और गठबंधन में स्थिरता बनाए रखना चाहते हैं।
निष्कर्ष
प्रशांत किशोर के बयानों ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। उनकी टिप्पणियों ने न केवल नीतीश कुमार की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए हैं, बल्कि भाजपा और जदयू के बीच संबंधों पर भी प्रभाव डाला है। आगामी बिहार विधानसभा चुनावों के मद्देनजर, यह देखना दिलचस्प होगा कि ये बयान राजनीतिक परिदृश्य को कैसे प्रभावित करेंगे और क्या वाकई नवंबर 2025 के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे या नहीं।

