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कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ

अतुल्य भारत चेतना
दिनेश सिंह तरकर

मथुरा। कान्हा की नगरी अंतर्गत वंशी अवतार श्रीहित हरिवंश चन्द्र महाप्रभु की जन्मभूमि (श्रीजी मंदिर) बाद ग्राम में रविवार की सुबह महिलाएं सिर पर कलश धारण कर भव्य 108 कलश यात्रा में सम्मिलित हुईं। कलश यात्रा का शुभारंभ हरिवंश महाप्रभु की जन्मभूमि (श्रीजी मंदिर) से हुआ, सिर पर कलश धारण की हुई महिलाओं ने श्रीजी मंदिर एवं तारा महल की परिक्रमा करते हुए परिक्रमा मार्ग से गांव की गलियों में पहुंची, गाजे-बाजे के साथ निकली शोभायात्रा का गांव की गलियों में जगह-जगह पर ग्रामवासियों ने भव्य स्वागत किया। शोभायात्रा वृन्दावन से आए श्रीमहंत लाड़ली शरण महाराज के पावन सानिध्य में निकली, जिसमें महंत दम्पति शरण महाराज एवं पुरूषोत्तम पुजारी महाराज सहित अन्य साधु-संतों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। श्रीमहंत लाड़िली शरण महाराज ने कहा कि गुरू पूर्णिमा महोत्सव के उपलक्ष्य में हरिवंश महाप्रभु की जन्मभूमि में भव्य शोभायात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है, प्रेमावतार की भूमि में अधिक से अधिक भक्तजन कथा श्रवण कर पुन्य के भागी बनें। कलश यात्रा में सम्मिलित लोग सुख-समृद्धि का प्रतीक हैं। जो लोग कलश यात्रा में चलते हैं सुख-समृद्धि उनका साथ कभी नहीं छोड़ती, श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते है और परमात्मा की विशेष कृपा के पात्र हो जाते हैं। इस मौके पर चंदन वैद्य, सन्जू पंडित, दिनेश सिंह तरकर, नन्दा, गजेन्द्र लम्बरदार सहित सैकड़ों की संख्या में भक्तजन मौजूद रहे।

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News Desk

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