*जैसलमेर।(सी आर देवपाल जैसलमेर)।* चाइल्ड फंड इंडिया ओलाम फूड इंग्रेडिएंट्स के सहयोग से जैसलमेर जिले में कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने तथा किसानों को नवीनतम जैसलमेर जिले में कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने तथा किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों से अवगत कराने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र जैसलमेर एवं चाइल्ड फंड इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय किसान कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसमें डाबला जोधा बासनपीर भू डीगड़ी ग्राम के किसानों ने भाग लिया यह कार्यशाला जिले के विभिन्न ग्रामों के प्रगतिशील किसानों महिला किसानों युवा कृषकों कृषक समूहों व स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के लिए विशेष रूप से आयोजित की गई है।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती के वैज्ञानिक तरीकों जल संरक्षण तकनीकों सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों फसल विविधीकरण जैविक खेती एवं सरकारी कृषि योजनाओं के लाभ के बारे में जानकारी प्रदान करना है। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ वैज्ञानिकों द्वारा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों रेगिस्तानी क्षेत्र में मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन उन्नत बीजों का चयन, एवं कृषि उन्नयन से जुड़े व्यवहारिक प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।डॉ दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि कृषकों को कृषि उपकरणों के प्रदर्शन मृदा परीक्षण रिपोर्ट के महत्व एवं कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। साथ ही, किसानों के प्रश्नों और समस्याओं का समाधान करने हेतु खुला संवाद सत्र भी शामिल रहेगा जिससे किसानों को तकनीकी सहायता एवं मार्गदर्शन प्राप्त हो सके।कार्यशाला में जिले के कृषि अधिकारी पंचायत प्रतिनिधि ग्राम स्तर के कृषि कार्यकर्ता और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम का लक्ष्य किसानों को अधिक उत्पादन लागत में कमी और सतत आजीविका के अवसर प्रदान करना है।चाइल्ड फंड इंडिया का प्रयास है कि किसानों को सशक्त बनाकर उनके परिवारों की आय में वृद्धि हो और ग्रामीण समुदाय आत्मनिर्भर बने।हम सभी किसानों से अपील करते हैं कि वे अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर कार्यक्रम का लाभ उठाएँ।
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स्थान तिथि व समय की विस्तृत जानकारी ग्राम स्तर पर साझा की जाएगी।कृषि तकनीकों से अवगत कराने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र जैसलमेर एवं चाइल्ड फंड इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय किसान कार्यशाला आयोजित की जा रही है। यह कार्यशाला जिले के विभिन्न ग्रामों के प्रगतिशील किसानों महिला किसानों युवा कृषकों कृषक समूहों व स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के लिए विशेष रूप से आयोजित की गई है।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती के वैज्ञानिक तरीकों जल संरक्षण तकनीकों सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों फसल विविधीकरण जैविक खेती एवं सरकारी कृषि योजनाओं के लाभ के बारे में जानकारी प्रदान करना है। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ वैज्ञानिकों द्वारा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों रेगिस्तानी क्षेत्र में मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन उन्नत बीजों का चयन एवं कृषि उन्नयन से जुड़े व्यवहारिक प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।इस अवसर पर कृषकों को कृषि उपकरणों के प्रदर्शन मृदा परीक्षण रिपोर्ट के महत्व एवं कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। साथ ही किसानों के प्रश्नों और समस्याओं का समाधान करने हेतु खुला संवाद सत्र भी शामिल रहेगा जिससे किसानों को तकनीकी सहायता एवं मार्गदर्शन प्राप्त हो सके।कार्यशाला में जिले के कृषि अधिकारी पंचायत प्रतिनिधि ग्राम स्तर के कृषि कार्यकर्ता और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम का लक्ष्य किसानों को अधिक उत्पादन लागत में कमी और सतत आजीविका के अवसर प्रदान करना है। डॉ चारु वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि केवीके का प्रयास है कि किसानों को सशक्त बनाकर उनके परिवारों की आय में वृद्धि हो और ग्रामीण समुदाय आत्मनिर्भर बने।हम सभी किसानों से अपील करते हैं कि वे अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर कार्यक्रम का लाभ उठाएँ।स्थान तिथि व समय की विस्तृत जानकारी ग्राम स्तर पर साझा की जाएगी। इस अवसर पर चाइल्ड फंड इंडिया से सीनियर फील्ड कॉर्डिनेटर मुकेश सिंघल और फील्ड कॉर्डिनेटर विकाश द्विवेदी विक्रम सिंह बारी उपस्थित रहे

