खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, जवाबदेही और संचालन व्यवस्था पर विस्तृत जानकारी दी गई
अतुल्य भारत चेतना
प्रमोद रजक
बिलासपुर/मस्तूरी। स्कूल शिक्षा विभाग, विकासखंड मस्तूरी अंतर्गत संकुल केंद्र सेजेस सीपत में प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के मध्यान्ह भोजन स्व सहायता समूहों के अध्यक्ष, सचिव और रसोइयों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संकुल केंद्र कन्या सीपत और बालक सीपत के अंतर्गत आने वाले 17 विद्यालयों—सीपत, नवाडीह, बरेली, कौवाताल, झलमला, नवागांव, मचखण्डा और नरगोड़ा से कुल 57 सदस्य शामिल हुए।

मुख्य सचिव और विभागीय अधिकारियों के निर्देश साझा
बैठक में उपस्थित सदस्यों को छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव, जिला कलेक्टर बिलासपुर, जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी मस्तूरी द्वारा जारी निर्देशों की जानकारी दी गई। इन निर्देशों में मध्यान्ह भोजन संचालन से जुड़े निम्न बिंदुओं पर विशेष बल दिया गया—

- खाद्य सुरक्षा प्रोटोकॉल
- रसोई एवं भंडारण की स्वच्छता
- पर्यवेक्षण और जवाबदेही
- सुरक्षा एवं प्रवेश नियंत्रण
- प्रशिक्षण और जागरूकता
- चिकित्सा तैयारी
- समुदाय और अभिभावकों की जवाबदारी
- रिपोर्टिंग तंत्र और आपराधिक जवाबदेही
- ड्रेस कोड का पालन
सदस्यों को यह भी बताया गया कि मध्यान्ह भोजन निर्धारित मात्रा और मीनू के अनुसार ही तैयार और परोसा जाए।

संकुल समन्वयकों और अधिकारियों के विचार
संकुल शैक्षिक समन्वयक (बालक सीपत) श्रीकांत श्रीवास ने उपस्थित सदस्यों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन द्वारा तय प्रोटोकॉल का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है।
संकुल शैक्षिक समन्वयक (कन्या सीपत) प्रमोद कुमार पाण्डेय भी बैठक में मौजूद रहे और उन्होंने गुणवत्ता एवं नियमित निगरानी पर जोर दिया।

सहभागिता और उपस्थिति
बैठक में स्व सहायता समूह और एमडीएम संचालक प्रधान पाठकों की भी सक्रिय भागीदारी रही। इनमें प्रमुख रूप से—
लक्ष्मी माल्या, किरण पाटले, गायत्री साहू, गीता धीवर, अनुसूइया धीवर और त्रिवेणी साहू शामिल थीं।
