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गुलाबगंज में ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के स्नेह मिलन कार्यक्रम में सकारात्मक संकल्पों पर जोर

अतुल्य भारत चेतना (हाकम सिंह रघुवंशी- ब्यूरो चीफ)

गुलाबगंज– प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की ग्रीन पार्क कॉलोनी, गुलाबगंज शाखा में स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी रेखा दीदी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए नए साल में सकारात्मक संकल्पों की शक्ति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त करने के लिए संकल्प शक्ति को शुभ एवं सकारात्मक बनाना आवश्यक है।

रेखा दीदी ने अपने उद्बोधन में बताया कि हर वर्ष नए साल के आगमन पर लोग अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए कई शुभ संकल्प, विचार और वायदे करते हैं। योजनाओं, परियोजनाओं एवं सपनों को साकार करने के लिए मन में अनेक विचार उत्पन्न होते हैं, लेकिन इनमें सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह के संकल्प शामिल होते हैं। नकारात्मक या कमजोर संकल्प व्यक्ति को आगे बढ़ने से रोकते हैं और व्यक्तित्व के विकास में बाधा बनते हैं, जिससे जीवन में हताशा और निराशा बढ़ती है। रिश्ते-नाते भी इन संकल्पों से गहराई से प्रभावित होते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि मनुष्य के मस्तिष्क में हर मिनट हजारों संकल्प-विकल्प आते-जाते रहते हैं और संकल्प शक्ति की गति पलक झपकने से भी तेज होती है। इसलिए निरंतर चेकिंग जरूरी है कि हमारे संकल्प अच्छे हैं या बुरे। अच्छे, श्रेष्ठ और स्नेहपूर्ण दृढ़ संकल्पों को अधिक से अधिक अपनाकर नया वर्ष सुखमय, सार्थक तथा उमंग-उत्साह से भरपूर बनाया जा सकता है। इसके लिए मन को सहज, सरल, मजबूत, सकारात्मक और पवित्र बनाना होगा। हर संकल्प में दूसरों के प्रति शुभ भावना, शुभ कामना और सहयोग की भावना शामिल होनी चाहिए। ऐसे प्रभावशाली संकल्प जीवन में हर कदम पर सफलता दिलाते हैं।

ब्रह्माकुमारी रुक्मणी बहन ने संकल्पों पर नियंत्रण की बात करते हुए कहा कि मन में उठने वाले संकल्पों को जब चाहें रोकना और व्यर्थ विचारों को आने से पहले ही ब्लॉक करना चाहिए। केवल सकारात्मक सोच अपनाने से संकल्प समर्थ एवं श्रेष्ठ बनते हैं। इसके लिए मन-बुद्धि को शुद्ध और पवित्र बनाना आवश्यक है, तभी संकल्प शक्तिशाली और स्फूर्तिवान होंगे तथा दिल से निकले संकल्प शीघ्र सिद्ध होंगे।

कार्यक्रम में नायब तहसीलदार राजेंद्र सेन ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अंत में ब्रह्माकुमारी नंदिनी बहन ने ध्यान (मेडिटेशन) सत्र का संचालन किया और बताया कि मेडिटेशन से ही संकल्पों पर नियंत्रण संभव है। इससे नकारात्मकता को सकारात्मकता में बदला जा सकता है। आज के युग में मेडिटेशन हर व्यक्ति की अनिवार्य आवश्यकता बन गई है।

कार्यक्रम में रामस्वरूप चौकसे, राजेंद्र सेठ, सचिन यादव, राजकुमार, अरुण खैरा, विवेक जैन सहित कई गणमान्य व्यक्ति एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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News Desk

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