अतुल्य भारत चेतना
संवाददाता – मृत्युंजय मिश्रा
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सतना, मध्य प्रदेश। ग्राम पंचायत मझगवां पर जल कर वसूली को लेकर एक ग्रामीण ने आर्थिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित युवक ने इस मामले की लिखित शिकायत मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर को ई-मेल के माध्यम से दर्ज कराई है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि पंचायत द्वारा 23 माह बाद एक साथ ₹5,516/- का जल कर बिल भेजा गया है, जबकि पंचायत की निर्धारित दर ₹150/- प्रतिमाह के अनुसार देय राशि मात्र ₹3,450/- ही बनती है।
सवालों के घेरे में पंचायत
जब मासिक दर ₹150 है, तो ₹5,516 का बिल कैसे बना?
23 महीने तक बिल क्यों नहीं भेजा गया?
जल आपूर्ति बाधित रहने के बावजूद पूरा कर क्यों वसूला गया?
युवक का आरोप है कि इस अवधि में कई बार पेयजल आपूर्ति बाधित रही, लेकिन पंचायत द्वारा न तो सुधार किया गया और न ही किसी प्रकार की राहत दी गई।
अवैध वसूली का भी आरोप
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि जल कनेक्शन के नाम पर ₹100/- की जगह ₹2,100/- की अवैध वसूली की गई, जिसकी कोई रसीद या वैधानिक आधार नही है।

