इसे भी पढ़ें (Read Also): लखनऊ से गोंडा गैस सिलेंडर ले जा रहे ट्रक में शार्ट सर्किट से लगी आग, ट्रक धमाके के साथ हुआ राख
जैसलमेर।(सी आर देवपाल जैसलमेर)।
एनीमिया मुक्त ग्राम पंचायत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा मेंसरहदी कनोई गांव में एक अनोखी और नवाचारपूर्ण जनजागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस विशेष पहल में रेगिस्तान के जहाज कहे जाने वाले ऊँट को एनीमिया जागरूकता के चलित रथ के रूप में परिवर्तित किया गया जिसने पूरे गांव का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।यह अभियान महिलाओं एवं किशोरियों में बढ़ते एनीमिया के मामलों की रोकथाम और स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से कनोई गांव की गलियों और मुख्य मार्गों से होकर निकाला गया। ऊँट को एनीमिया जागरूकता से जुड़े रंग-बिरंगे बैनरों पोस्टरों और नारों से सजाया गया जिसे देखकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।जैसे ही ऊँट पर सवार जागरूकता रथ गांव की हर गली से गुजरा बच्चे महिलाएं और बुजुर्ग बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। यह अभियान न केवल प्रभावशाली रहा बल्कि स्थानीय संस्कृति से भी गहराई से जुड़ा हुआ दिखाई दिया।इस जागरूकता रथ को डॉ कमल जोशी डॉ दीपिका खत्री डॉ जगदीश प्रसाद एवं डॉ राकेश के मार्गदर्शन में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को एनीमिया के कारणों लक्षणों और बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।
ऊँट पर प्रदर्शित नारों ने पूरे वातावरण को ऊर्जा से भर दिया
*मां और बच्चे को रखना है स्वस्थ एनीमिया को करना है समाप्त*
*आईएफए टैबलेट का करें सेवन बनाएं एनीमिया मुक्त भारत*
*बहनों को करें शिक्षित एनीमिया को करें निर्मूलित*
अभियान के दौरान महिलाओं एवं किशोरियों की स्वास्थ्य जांच भी की गई। जिनका हीमोग्लोबिन स्तर 9.5 से कम पाया गया उन्हें 38 पोषण किट वितरित की गईं तथा नियमित रूप से आयरन-फोलिक एसिड टैबलेट लेने और पौष्टिक आहार अपनाने की सलाह दी गई। साथ ही सभी प्रतिभागियों ने मुल्तानी मिट्टी मिट्टी खाने जैसी हानिकारक आदतों को छोड़ने की सामूहिक शपथ भी ली।इस अवसर पर डॉ कमल जोशी ने कहा कि एनीमिया कोई मामूली समस्या नहीं है। शरीर में ऑक्सीजन की कमी के कारण यह गंभीर बीमारियों और जानलेवा स्थितियों का कारण बन सकता है लेकिन सही जानकारी समय पर जांच और सामूहिक प्रयासों से इसे पूरी तरह रोका जा सकता है।अभियान के समापन पर ग्रामीणों ने कनोई को एनीमिया मुक्त ग्राम पंचायत बनाने का संकल्प लिया। इसके अंतर्गत नियमित आईएफए सेवन पोषण किट का उपयोग हानिकारक आदतों का त्याग आंगनवाड़ी आशा एवं वीएफ कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जागरूकता तथा स्कूलों में शक्ति दिवस एवं पोषण दिवस के नियमित आयोजन की प्रतिबद्धता जताई गई।
उल्लेखनीय है कि रेफ ग्लोबल द्वारा यह गांव स्तरीय एनीमिया जागरूकता अभियान कनोई के अलावा 12 अन्य गांवों में भी आयोजित किए गए हैं जिनमें कुल मिलाकर हजारों ग्रामीणों की सहभागिता रही।

