शहडोल जिले के अंतिम छोर पपौंध क्षेत्र के ग्राम पपौंध के सहकारी समिति मर्यादिक पपौंध धान खरीदी केंद्र व ग्राम सपटा में अनसुईया स्व.सहायता समूह का धान खरीदी केंद्र अब किसानों के लिए नहीं, बल्कि बिचौलियों के लिए फायदे का केंद्र बनता नजर आ रहा है। बड़ी मशक्कत के बाद मिला यह धान खरीदी केंद्र आज नियमों को कुचलते हुए खुलेआम मनमानी का प्रतीक बन चुका है।
हैरानी की बात यह है कि दिन निकलते ही केंद्र पर ताले लटके जैसे हालात रहते हैं। सुबह से शाम तक किसान भटकते रहते हैं, लेकिन उनसे धान खरीदी नहीं होती। जैसे ही घड़ी शाम 6 बजती है और अंधेरा फैलता है, वैसे ही केंद्र पर अचानक रौनक आ जाती है।
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रात के अंधेरे में बिचौलियों की भीड़ जुटती है और अपने अपने वाहनों के माध्यम से कागजों में धान की एंट्री कराई जाती है। सवाल यह है कि केंद्र बंद होने के बाद धान खरीदी किसके आदेश से और किसके संरक्षण में हो रही है?
सूत्रों की मानें तो यह पूरा खेल सुनियोजित तरीके से चल रहा है। अगर संबंधित अधिकारी केवल दिन में निरीक्षण कर वापस लौट जाते हैं, तो उन्हें सब कुछ सही नजर आता है। लेकिन अगर कोई अधिकारी शाम 6 बजे के बाद औचक निरीक्षण कर ले, तो सच्चाई खुद-ब-खुद उजागर हो जाएगी।
यह सिर्फ नियमों की अनदेखी नहीं, बल्कि सीधे-सीधे किसानों के हक पर डाका है। असली किसान दिनभर इंतजार करता है और बिचौलिया रात में खेल कर निकल जाता है। सवाल उठता है कि क्या प्रशासन इस अवैध धान खरीदी से अनजान है या सब कुछ जानकर भी आंख मूंदे बैठा है?
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और खाद्य विभाग इस गंभीर मामले पर कब संज्ञान लेते हैं और कब रात के अंधेरे में चल रहे इस धान घोटाले पर लगाम लगती है….

