कामां को कामवन बनाने के लिए अपना घर सेवा समिति कामवन द्वारा दिया जाएगा ज्ञापन
रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता भरतपुर
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कामां-धार्मिक पौराणिक व ब्रज मंडल की सांस्कृतिक नगरी कामवन जिसका वर्तमान नाम अपभ्रंश होते-होते कामां हो गया है। जबकि शास्त्रों एवं उपलब्ध अभिलेखों में इस नगरी का प्राचीन नाम कामवन था जो कि भगवान श्री कृष्ण की बाल क्रीड़ाओं के चित्रण का जीवन्त उदाहरण है। अपनाघर सेवा समिति कामवन के अध्यक्ष प्रमोद पुजारी ने बताया कि आज सोमवार को उपखण्ड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार को एक ज्ञापन देकर कामवन नाम लौटने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्राचीन स्वरूप, वैभव एवं गौरवान्वित इतिहास को पुनर्जीवित करने हेतु कामां का प्राचीन व पौराणिक नाम कामवन की मांग काफी लंबे समय से लंबित है। सरकार द्वारा जिस प्रकार नगर का नाम बृज नगर किया गया है उसी प्रकार कामवन नाम कर ब्रजवासियों की भावना का सम्मान आवश्यक है। कामवन नाम की मांग नई नही है और न ही नूतन नाम की मांग की जा रही है अपितु शुद्धिकरण की मांग की जा रही है जो अति आवश्यक है। इसी क्रम में कामां के सभी समाजो ने इस तरह मुहिम को लेकर अपने आने भाव रखे और अपना पूर्ण समर्थन दिया ! पूर्व मंत्री राजस्थान सरकार मदन मोहन सिंघल, कामवन रामलीला समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश बूरे वाले, व्यापार महासंघ कामां के अध्यक्ष कमल अरोरा, सरंक्षक कैलाश लोहिया, स्वर्णकार समाज के हरिओम सोनी, लछमण प्रसाद सोनी अन्य समाजो के अध्यक्ष व गणमान्य व्यक्तियों ने कामां को कामवन बनाने पर सरकार से अपील की है !
