अतुल्य भारत चेतना
डॉ. मीरा पराड़कर
छिंदवाड़ा। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर नौ दिनों तक माता रानी के विविध स्वरूपों की पूजा-अर्चना, व्रत, भजन-कीर्तन एवं धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन श्रद्धा एवं भक्ति भाव से संपन्न हुआ। महिला आश्रम शक्ति हाउस में इस वर्ष विशेष रूप से काली माता जी की स्थापना की गई थी, साथ ही कलश एवं जवारे रखे गए थे। इनकी देखरेख महिला समिति की बहनों द्वारा पूरी निष्ठा के साथ की गई। नवरात्रि के समापन पर माता रानी की विदाई का आयोजन अत्यंत भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें महिलाओं ने जस-भजन, गरबा-कीर्तन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया।

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नवरात्रि के दौरान पूजा-अर्चना और अनुष्ठान
शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों में महिला आश्रम शक्ति हाउस में माता रानी के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की गई। इस वर्ष विशेष रूप से काली माता जी की स्थापना की गई, जो शक्ति और साहस की प्रतीक हैं। कलश स्थापना और जवारे बोने की परंपरा का पालन किया गया, जिसकी देखभाल महिला समिति की सदस्यों ने पूर्ण समर्पण के साथ की। प्रतिदिन भजन-कीर्तन, आरती और धार्मिक अनुष्ठानों से आश्रम का वातावरण दिव्य और ऊर्जावान बना रहा। समिति की सदस्यों ने बताया कि यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि महिलाओं को आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करने में भी सहायक सिद्ध होता है।

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विदाई का भक्तिमय आयोजन
नवरात्रि के समापन पर माता रानी की विदाई का कार्यक्रम अत्यंत भावपूर्ण ढंग से आयोजित किया गया। महिला समिति की बहनों ने जस-भजन एवं गरबा-कीर्तन प्रस्तुत किए, जिससे पूरा वातावरण भक्ति से भर उठा। तत्पश्चात विधि-विधान के साथ पवित्र नदी में दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस दौरान नारियल, चुनरी एवं हल्दी-कुमकुम अर्पित कर माता जी से आशीर्वाद प्राप्त किया गया। महिलाओं ने एक-दूसरे को हल्दी-कुमकुम लगाकर मंगलकामनाएं दीं, जो भारतीय परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। “जय माता दी” के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा, और सभी ने माता रानी की विदाई बड़े ही श्रद्धा भाव से संपन्न की। एक प्रतिभागी ने कहा, “यह विदाई का क्षण हमें माता की कृपा की याद दिलाता है। नौ दिनों की पूजा से हमारी आस्था और मजबूत हुई है, और हम अगले वर्ष फिर से इस उत्सव का इंतजार करेंगे।”

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उपस्थित गणमान्य व्यक्ति और सहभागिता
इस अवसर पर शक्ति हाउस की महिला संचालक साध्वी नीलू बहन, महिला समिति की अध्यक्ष डॉ. मीरा पराड़कर, श्संध्या रघुवंशी, ललिता सूर्यवंशी, कौशल्या कुशवाह, निर्मला पटेल, शारदा भोजवानी, सुश्री कुसुम चौत्रे, शकुंतला कारोडे सहित समिति की सभी साधक बहनें, साधक बेटियाँ एवं साधक भाई उपस्थित रहे। सभी ने माता जी के विसर्जन में सक्रिय रूप से सहभागिता की, जो समिति की एकजुटता का प्रतीक था। साध्वी नीलू बहन ने कहा, “माता रानी की पूजा से हमें आंतरिक शक्ति मिलती है, और यह आयोजन महिलाओं को सशक्त बनाने का माध्यम है।”

