तीमारदारों के लिए परिसर में अलाव जलाए जाने के दिये निर्देश
अतुल्य भारत चेतना
अमित त्रिपाठी
बहराइच । जिलाधिकारी मोनिका रानी ने महर्षि बालार्क चिकित्सालय की इमरजेन्सी सहित विभिन्न वार्डो, ओपीडी, पैथालॉजी, रक्तकोष, पंजीकरण एवं औषधि वितरण काउण्टर, फिज़ियो थैरिपी कक्ष व एन.सी.डी. क्लीनिक तथा 100 बेडेड महिला विंग में संचालित वार्डों, प्रसव कक्ष इत्यादि का निरीक्षण कर मरीज़ों व उनके तीमारदारों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। विभिन्न वार्डों के निरीक्षण के दौरान डीएम ने मरीज़ों के साथ-साथ मरीज़ों के तीमारदारों से चिकित्सालय द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं एवं सुविधाओं के बारे में फीड बैक प्राप्त करते मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिया कि चिकित्सालय में आने वाले सभी मरीज़ों को शासन द्वारा अनुमन्य सुविधाएं प्रदान की जायें।

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शीत लहर को मद्देनज़र रखते हुए डीएम ने सीएमएस को यह भी निर्देश दिया कि मरीज़ों के साथ आने वाले तीमारदारों के लिए आवश्यकतानुसार जगह-जगह अलाव जलवा दें तथा रैन बसेरे की व्यवस्थाओं में भी माकूल बन्दोबस्त रखे जाएं ताकि किसी ज़रूरतमन्द को ठंड के मौसम में कोई दिक्कत न हो। महिला विंग के निरीक्षण के दौरान डीएम ने तीमारदारों की सुविधा के लिए बेन्च की पर्याप्त व्यवस्था की जाय। वार्डों के निरीक्षण के दौरान डीएम ने निर्देश दिया कि मरीज़ों की बेडशीट साफ-सुथरी रहे इसके लिए समय से बेडशीट को बदला जाय। डीएम ने यह भी निर्देश मरीज़ों को मेन्यू के अनुसार समय से भोजन उपलग्ब्ध कराया जाय तथा चिकित्सालय व शौचालय की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाय।
ओ.पी.डी. के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को बताया कि गया कि वर्तमान में लगभग 1500 से 1800 मरीज़ों को ओपीडी सुविधा प्रदान की जा रही है। जबकि आम दिनों में मरीज़ों की संख्या बढकर 2500 हो जाती है। डीएम को बताया कि गया कि इमरजेन्सी में भी मरीज़ों की आमद लगभग 100 से 150 रहती है। डीएम ने कहा कि आने वाले मरीज़ों को हर संभव बेहतर इलाज उपलब्ध कराये किसी भी मरीज़ को बाहर की दवा न लिखी जाय। डीएम ने चिकित्सकों से अपेक्षा की कि मरीज़ों को देखते समय मानवीय पहलुओं को तरजीह देते हुए सेवाभाव से अपने सम्मानित पेशे के साथ न्याय करें। पैथालॉजी के निरीक्षण के दौरान डीएम ने विभिन्न जांचों तथा उसकी कालिकता के बारे में जानकारी प्राप्त कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
चिकित्सालय से निकल कर डीएम मोनिका रानी ने परिसर में खडी एम्बुलेन्स का निरीक्षण कर एम्बुलेन्स में उपलब्ध जीवन रक्षक उपकरणों तथा संचालन के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिया कि मरीज़ों की कॉल प्राप्त होने पर निर्धारित समय में उन्हें सुविधा उपलब्ध कराएं। डीएम ने जिम्मेदार को यह भी निर्देश दिया कि आकस्मिक रूप से मरीज़ों एवं तीमारदारों से भी एम्बुलेन्स संचालन के बारे में फीड बैक प्राप्त करें ताकि सुविधाओं को बेहतर से और बेहतर किया जा सक। इस अवसर पर मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. संजय खत्री व मैनेजर रिज़वान खान मौजूद रहे।
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