जयपुर। थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा–2023 में डमी अभ्यर्थी बैठाकर नौकरी हासिल करने का बड़ा मामला सामने आया है। एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) ने कार्रवाई करते हुए फर्जी तरीके से चयनित एक अध्यापक को गिरफ्तार किया है। आरोपी वर्तमान में बालोतरा के एक राजकीय प्राथमिक विद्यालय में पदस्थापित था।
जांच में खुलासा हुआ कि देवीलाल की जगह देवाराम ने परीक्षा दी थी। इस पूरे फर्जीवाड़े के लिए दोनों के बीच 5 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाकर चयन सुनिश्चित किया गया और बाद में आरोपी ने शिक्षक के पद पर जॉइन भी कर लिया।
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एसओजी की जांच में बायोमेट्रिक, दस्तावेज़ सत्यापन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस गड़बड़ी का पर्दाफाश हुआ। मामले की मॉनिटरिंग एडीजी एसओजी विशाल बंसल के निर्देशन में की गई, जिसके बाद टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
फिलहाल एसओजी आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि इस नेटवर्क में और लोग भी शामिल हो सकते हैं तथा अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी इसी तरह का फर्जीवाड़ा हुआ हो। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि डमी अभ्यर्थियों का यह गिरोह किन-किन भर्तियों में सक्रिय रहा है।
एसओजी अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं की पवित्रता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और इस मामले में शामिल सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।

