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Wed. Jan 14th, 2026

मध्य प्रदेश: शासकीय महाविद्यालय पलेरा में विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर चिंतन गोष्ठी का आयोजन

अतुल्य भारत चेतना (मुहम्मद ख्वाजा )

टीकमगढ़-मध्य प्रदेश।

पलेरा। शासकीय महाविद्यालय पलेरा जिला टीकमगढ़ संस्था में विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर के बुंदेलखंड क्षेत्र के समाजसेवी संतोष गंगेले कर्मयोगी नौगांव बुंदेलखंड द्वारा लगातार जन जागरूकता संगोष्ठी आयोजित की जा रही हैं जिससे विद्यार्थी स्नातक शिक्षा ग्रहण करके भविष्य में समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए कैसे तैयार हो और उनका जीवन अच्छा रहे इसके लिए दोपहर बाद एक संगोष्ठी चिंतन शिविर का आयोजन किया गया । संगोष्ठी में मुख्य रूप से महाविद्यालय के प्राचार्य श्याम लाल कोल डॉ लोकेंद्र सिंह नरवरिया कीड़ा अधिकारी , प्रोफेसर अरमान अहमद हिंदी सहायक प्राध्यापक डॉ बलराम अग्निहोत्री डॉ ममता चानना डॉ प्रमोद रिछारिया डॉ ममता कुशवाहा डॉ सर्जन सिंह यादव डॉक्टर के जी चौरसिया डॉक्टर शरद पाराशर डॉ ज्योति में दत्त डॉ विभाग दुबे जितेंद्र सिंह घोषी विशेष रूप से संगोष्ठी में उपस्थित रहे । कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक प्रोफेसर गानों का पुष्माला से स्वागत कल नया वर्ष मनाया गया तत्पश्चात संगोष्ठी पर चर्चा हुई । विद्यालय परिवार की ओर से श्री संतोष गंगेले कर्म योगी जी के सामाजिक कार्यों के लिए उन्हें पुष्पमाला पहनाकर कर सम्मानित किया गया ।समाजसेवी मुख्य वक्ता संतोष गंगेले कर्मयोगी ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा मध्य प्रदेश के महाविद्यालयों में विद्यार्थियों का भविष्य कौशल विकास, उद्यमिता और बहु-विषयक शिक्षा पर केंद्रित है, जहाँ सरकार अटल इन्क्यूबेशन सेंटर और स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन जैसी योजनाओं के माध्यम से रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा दे रही है, जिससे तकनीकी और कृषि जैसे क्षेत्रों में छात्रों के लिए नए अवसर खुल रहे हैं, हालांकि शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे में सुधार की आवश्यकता अभी भी बनी हुई है.

सकारात्मक पहल और अवसर विद्यार्थियों को भविष्य निर्माण के लिए सरकार चल रही है ।संस्था के प्राचार्य सामू लाल कोल ने कहा कि कौशल विकास: राज्य में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए अटल इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं, जिससे छात्रों को रोजगारपरक कौशल सीखने का मौका मिल रहा है.

तकनीकी और कृषि शिक्षा: पॉलिटेक्निक और कृषि पाठ्यक्रमों में नामांकन बढ़ा है, और पायलट प्रशिक्षण जैसे नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए हैं, जिससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे है।डॉ प्रमोद कुमार रिछारिया ने बताया कि ।करियर मार्गदर्शन: स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना के तहत रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र प्रशिक्षित हो रहे हैं और प्लेसमेंट भी प्राप्त कर रहे हैं.बेहतर संस्थान: मध्य प्रदेश में कई प्रतिष्ठित संस्थान हैं, जैसे MANIT, AIIMS, और RGPV, जो विश्व स्तरीय शिक्षा और करियर सहायता प्रदान करते हैं।बहु-विषयक शिक्षा: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बहु-विषयक अध्ययन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे छात्र विभिन्न क्षेत्रों का ज्ञान प्राप्त कर सकें। डॉ शरद पाराशर ने बताया कि सरकार की नीति और विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर चुनौतियाँ और सुधार के क्षेत्र बुनियादी ढांचा और गुणवत्ता: कुछ सरकारी कॉलेजों में बुनियादी ढांचे और संसाधनों की कमी एक समस्या बनी हुई है, जिससे सीखने के अनुभव पर असर पड़ता है.

परिणाम और पदोन्नति: कभी-कभी परीक्षाओं के परिणाम जारी करने और छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट करने में देरी होती है, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है.

अतिथि विद्वानों के मुद्दे: अतिथि विद्वानों के रोजगार और उनके परिवारों के भरण-पोषण से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में रहते हैं, जो शिक्षा प्रणाली में अस्थिरता पैदा करते हैं।डॉ बलराम अग्निहोत्री ने अपने अंतिम उद्बोधन में कहा कि मध्य प्रदेश में महाविद्यालय के विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्वल दिख रहा है, क्योंकि सरकार रोजगार और कौशल पर जोर दे रही है. हालांकि, शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे में निरंतर सुधार तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना आवश्यक है ताकि सभी छात्रों को समान और बेहतर अवसर मिल सकें ।महाविद्यालय की ओर से डॉक्टर लोकेंद्र सिंह नरवरिया ने मुख्य वक्ता संतोष गंगेले कर्मयोगी के सामाजिक कार्यों की संगोष्ठी में सराहना करते हुए उनके कार्यों के प्रति आभार व्यक्त किया ।

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न्यूज डेस्क मध्य प्रदेश

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