अतुल्य भारत चेतना (डॉ. मीरा पराड़कर)
छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संत श्री आशारामजी गुरुकुल में ऐतिहासिक वार्षिकोत्सव का आयोजन बड़ी धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर गुरुकुल में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने देशभक्ति और सनातन संस्कृति से परिपूर्ण नाटकों का मंचन किया, जिसने उपस्थित सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने भारतीय संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत की और सभी की खूब वाहवाही बटोरी।

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में छिंदवाड़ा नगर पालिका निगम के महापौर श्री विक्रम आहाके जी उपस्थित रहे। उनके अलावा जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी.एस. बघेल जी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेश गुनाडे जी, सेवा निवृत्त जिला जनसंपर्क अधिकारी श्री ओमप्रकाश सोनवंशी जी, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक श्री विनोद तिवारी जी, वरिष्ठ पत्रकार एवं जन अभियान परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री गोविंद चौरसिया जी, भारतीय वायु सेना के श्री कुंदन सिंह सिंगोतिया जी, पार्षद श्री विजय पाटिल जी, कैलाश नगर स्कूल की प्राचार्या श्रीमती मनीषा मिश्रा जी, साहित्यकार श्री रणजीत सिंह परिहार जी, साहित्यकार, कवि एवं रचनाकार श्री गोवर्धन यादव जी, आंचलिक साहित्यकार श्री सुरेंद्र वर्मा जी, श्री राजेंद्र पाटिल जी, महिला उत्थान आश्रम की संचालिका साध्वी नीलू बहन जी, महिला समिति की अध्यक्ष डॉ. मीरा पराड़कर जी तथा समाजसेवी श्रीमती छाया परसाई जी मुख्य रूप से मौजूद रहे।


इसके साथ ही देश भर के 24 राज्यों से आए अध्ययनरत विद्यार्थियों के अभिभावकों ने भी बड़ी संख्या में शिरकत की, जिससे कार्यक्रम में उत्साह और भी बढ़ गया। अभिभावकों ने गुरुकुल की शिक्षा व्यवस्था और सांस्कृतिक गतिविधियों की भरपूर प्रशंसा की।

सभी मुख्य अतिथियों का भव्य स्वागत गुरुकुल की संचालिका श्रीमती दर्शना खट्टर जी, समिति के अध्यक्ष श्री मदन मोहन परसाई जी, गुरुकुल के प्रबंधक डॉ. सुशील सिंह परिहार जी, श्रीमती पूजा आम्रवंशी जी, छात्रावास प्रभारी श्री सोमनाथ पवार जी तथा गुरुकुल के मीडिया प्रभारी श्री भगवानदीन साहू जी ने आत्मीयता पूर्वक किया। अतिथियों ने फूलमालाएं पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी मुख्य अतिथियों और अभिभावकों ने इस ऐतिहासिक वार्षिकोत्सव की जमकर सराहना की। उन्होंने गुरुकुल की शिक्षा पद्धति, जिसमें आधुनिक ज्ञान के साथ-साथ सनातन संस्कृति और देशभक्ति का समावेश है, को अनूठा बताते हुए इसे अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणादायी बताया। महापौर श्री विक्रम आहाके जी ने कहा कि ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी में नैतिक मूल्यों और राष्ट्रीय भावना को मजबूत करते हैं।
संत श्री आशारामजी गुरुकुल छिंदवाड़ा लंबे समय से छात्रों को होलिस्टिक शिक्षा प्रदान करने के लिए जाना जाता है, जहां योग, ध्यान, संस्कार और आधुनिक विषयों का संतुलित मिश्रण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करता है। इस वार्षिकोत्सव ने एक बार फिर गुरुकुल की उत्कृष्टता को रेखांकित किया।

