अतुल्य भारत चेतना (शहजाद वेग)
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बल्देवगढ़, जिला टीकमगढ़ (म.प्र.)
बल्देवगढ़ महोत्सव : दिव्य रहसलीला के द्वितीय दिवस श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भव्य मंचन
बल्देवगढ़ महोत्सव के अंतर्गत चल रही दिव्य रहसलीला के दूसरे दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की लीला का भावपूर्ण और आकर्षक मंचन किया गया। श्री वृंदावन धाम से पधारे कलाकारों ने बस स्टैंड स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल मैदान में अपनी मनमोहक प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
द्वितीय दिवस की लीला का शुभारंभ रासलीला से हुआ, जिसमें कलाकारों द्वारा प्रस्तुत मयूर नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इसके पश्चात श्रीकृष्ण जन्म की कथा का मंचन किया गया। लीला में दर्शाया गया कि कंस को आकाशवाणी होती है कि देवकी की आठवीं संतान उसके अंत का कारण बनेगी, जिससे भयभीत होकर वह देवकी और वासुदेव को कारागार में बंद कर देता है।
श्रीकृष्ण के जन्म के समय कारागार के ताले स्वयं खुल जाते हैं और पहरेदार मूर्छित हो जाते हैं। वासुदेव नवजात श्रीकृष्ण को सुरक्षित रूप से गोकुल ले जाकर नंद बाबा के यहां छोड़ आते हैं, जहां यशोदा मैया और नंद बाबा उनका लालन-पालन करते हैं।
लीला के मंचन ने भक्तों को भक्ति भाव से सराबोर कर दिया और पूरे परिसर में जय श्रीकृष्ण के उद्घोष गूंज ।

