स्टाम्प एवं निबन्धन विभाग द्वारा 685781 लेखपत्रों का किया गया डिजिटाइजेशन
जिओ टैग फोटोग्राफ की अनिवार्यता से हो रही है विक्रीत सम्पत्ति की वास्तविक पहचान
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वित्तीय वर्ष में ऑनलाइन जारी की गई 3119 नकले
सूरज कुमार तिवारी
संवाददाता बहराइच
बहराइच 27 दिसम्बर दिन शनिवार। सहायक महानिरीक्षक निबन्धन बहराइच शीलभद्र चन्द्रा ने बताया कि भारत सरकार के ईज ऑफ लिविंग प्रोग्राम तथा डिजिटल इण्डिया इनिशिएटिव प्रोग्राम के अन्तर्गत वर्ष 2002 से 2017 तक पंजीकृत समस्त लेखपत्रों की स्कैनिंग एण्ड डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण हो गया है। इसके अन्तर्गत कार्यालय उप निबन्धक महसी, कैसरगंज, नानपारा व सदर बहराइच के कुल 685781 लेखपत्रों का डिजिटाइजेशन किया गया है।
श्री चन्द्रा ने बताया कि डिजिटाइजेशन के द्वितीय चरण में वर्ष 1990 से 2001 तक के पंजीकृत लेखपत्रों की स्कैनिंग व डिजिटाइजेशन कार्य कराया जाना प्रक्रियाधीन। उप निबन्धक कार्यालयों में उपस्थित पक्षकारों के पैन का ऑनलाइन सत्यापन के बाद विलेखों के पंजीकरण की प्रक्रिया आरम्भ है। इस व्यवस्था से जाली फर्जी पंजीकरण में प्रभावी रोक लगी है। सम्पत्तिओं के क्रय विक्रय में जिओ टैग फोटोग्राफ की अनिवार्यता से विक्रीत सम्पत्ति की वास्तविक पहचान सम्भव।
सहायक महानिरीक्षक निबन्धन श्री चन्द्रा ने बताया कि जनपद में रू. 20,000 (रू. बीस हजार) से अधिक फीस का भुगतान केवल ऑनलाईन स्वीकार किया जा रहा है। आमजनमानस को घर बैठे ऑनलाइन लेखपत्रों की नकले प्राप्त करने की सुविधा के तहत अब तक वर्तमान वित्तीय वर्ष में कुल 3119 नकले ऑनलाइन जारी की गई। इसी प्रकार आमजन कोे सम्पत्ति पर ऋण भार ज्ञात करने की ऑनलाइन सुविधा के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष में कुल 1093 भार मुक्त प्रमाण पत्र भी जारी किए गये।
राज्य सरकार द्वारा रक्त सम्बन्धों में सम्पत्ति को दान करने में मात्र रू. 5000 का स्टाम्प शुल्क सुविधा अन्तर्गत वर्तमान वित्तीय वर्ष में कुल 3693 दान पत्र पंजीकृत किये गये हैं। इसी प्रकार मिशन शक्ति के अन्तर्गत महिलाओं रू. 01 करोड मूल्य तक की सम्पत्ति क्रय करने पर 01 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क की छूट भी प्रदान की जा रही है। इसके अलावा रक्त सम्बन्धों में पारिवारिक सम्पत्तियों के बटवारा/विभाजन विलेखों पर केवल रू. 5000 का स्टाम्प शुल्क व रू. 5000 का रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया जा रहा है।
सहायक महानिरीक्षक निबन्धन श्री चन्द्रा ने बताया कि भौतिक स्टाम्प पत्रों के स्थान पर केवल एक पृष्ठ का एक ई स्टाम्प पत्र, अप्रयुक्त स्टाम्प पत्रों की ऑनलाइन वापसी, रू. 100 मूल्य तक के ई स्टाम्प के स्वमुद्रण की सुविधा प्रारम्भ होने से आमजनमानस काफी सुविधा हो रही है। इसी प्रकार कृषि बंधक पत्रों की ऑनलाइन फाइलिंग, कृषि भूमि के विक्रय विलेखों के ऑनलाईन आवेदन में भूलेख पोर्टल से रियल टाइम सत्यापन के साथ साथ रजिस्ट्रेशन विभाग के प्रेरणा सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन नामान्तरण के लिए राजस्व परिषद की वेवसाइट भूलेख एवं राजस्व न्यायालय से लिंक किया गया है। विभाग में पेपर लेस प्रक्रिया के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु समस्त विलेखों को पंजीकरण के समय ही डिजिटाइज भी किया जा रहा है।
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