गदरपुर में उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में शनिवार तड़के प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जड़ी-बूटी शोध केंद्र परिसर में बनी मजार को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
शनिवार सुबह करीब पांच बजे एसडीएम ऋचा सिंह के नेतृत्व में तहसीलदार लीना चंद्रा और सीओ विभव सैनी के साथ प्रशासनिक व पुलिस टीम वार्ड नंबर तीन स्थित राजकीय जड़ी-बूटी शोध केंद्र पहुंची। यहां परिसर में बनी दादा मियां की मजार को जेसीबी मशीन से गिराया गया। मजार का मलबा और टिनशेड को नगरपालिका के वाहन में भरकर कब्जे में ले लिया गया।
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कार्रवाई के बाद जड़ी-बूटी शोध केंद्र के अधिकारियों ने खाली कराए गए स्थान पर पौधारोपण कर दिया। पूरी कार्रवाई लगभग चार घंटे तक चली। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर शोध केंद्र की ओर जाने वाले मार्ग पर सशस्त्र पुलिस बल तैनात किया गया और आम नागरिकों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई गई।
एसडीएम ऋचा सिंह ने बताया कि जड़ी-बूटी शोध केंद्र के अधिकारियों ने परिसर में बनी मजार को हटाने के लिए उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी। सुनवाई के बाद न्यायालय ने मजार हटाने के स्पष्ट आदेश जारी किए थे। आदेश के क्रम में शोध केंद्र के सुपरवाइजर डीडी डंगवाल की ओर से 11 दिसंबर को मजार के गद्दीनशीन मोहम्मद शफी और अध्यक्ष सईद खान निवासी वार्ड नंबर तीन गदरपुर को नोटिस जारी कर स्वयं मजार हटाने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समयसीमा में मजार नहीं हटाए जाने पर प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी।
एसडीएम ने साफ कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान नगरपालिका के ईओ कैलाश सिंह पटवाल, लेखपाल हेमा भट्ट, मंजू बिष्ट, ज्योति डाटरवाल, कोतवाल संजय पाठक, एसआई दीवान सिंह बिष्ट, मुकेश मिश्रा, विजय कुमार सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद

