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लालसोट (दौसा) में 51कुण्डीय “राष्ट्र शक्ति संवर्धन ” गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम आगामी 02जनवरी 2026से 05 जनवरी 2026 तक चलेगा।

संवाददाता:– जितेन्द्र कुमार

अतुल्य भारत चेतना न्यूज़,जयपुर राजस्थान

लालसोट (दौसा) में 51कुण्डीय “राष्ट्र शक्ति संवर्धन ” गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम आगामी 02जनवरी 2026से 05 जनवरी 2026 तक चलेगा। यह कार्यक्रम अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में कराया जाएगा । 51 कुंडीय राष्ट्र शक्ति संवर्धन गायत्री महायज्ञ गायत्री परिवार द्वारा आयोजित एक बड़ा आध्यात्मिक अनुष्ठान है, जिसका उद्देश्य व्यक्तिगत और सामाजिक उत्थान, राष्ट्र शक्ति, और विश्व शांति के लिए गायत्री महामंत्र के माध्यम से ऊर्जा का संचय करना है, जिसमें 51 हवन कुंडों में आहुतियाँ दी जाती हैं, यह आयोजन अक्सर बड़े स्तर पर कलश यात्रा, प्रवचन, संस्कार और युग निर्माण के संकल्पों के साथ होता है. हाल ही में ऐसे कई यज्ञ अलग-अलग जगहों पर हुए हैं। और अब यह कार्यक्रम लालसोट तहसील के मेन मार्केट में आयोजित किया जा रहा है।. लालसोट में आयोजित होने वाले इस विशाल महायज्ञ में प्रथम दिन विशाल कलश यात्रा का आयोजन किया जाएगा कलश यात्रा महाकाली मंदिर लालसोट से यज्ञ स्थल अशोका एवेन्यू मैरिज गार्डन कोथून रोड पर पहुंचेगी यज्ञ आयोजन समिति के सुभाष शर्मा ने बताया कि यज्ञ में सभी जाति सभी धर्म के धर्म प्रेमी बंधु भाग लेंगे यज्ञ हेतु शांतिकुंज हरिद्वार से टोली आकर यज्ञ कार्यक्रम संपादित करेगी इस हेतु गांव गांव जाकर यज्ञ का प्रचार प्रसार किया जा रहा है यज्ञ हेतु देव संस्कृति विश्वविद्यालय के योग छात्र लालसोट क्षेत्र में योग प्राणायाम शिविर का आयोजन कर रहे हैं एवं नगर के मंदिरों में दीप यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है यज्ञ को लेकर क्षेत्र में भारी उत्साह है आयोजन समिति के उमेश शर्मा एवं विकास माठा ने बताया कि महायज्ञ में बैठने हेतु कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा सभी कार्यक्रम निशुल्क आयोजित किया जा रहे हैं कलश यात्रा हेतु भी कलशो का नि:शुल्क वितरण किया जा रहा है। महिला मंडल से पिंकी चौधरी ने बताया, कि कलश यात्रा हेतु कार्यकर्ताओं को विभिन्न जिम्मेदारियां दी गई है। महिला मंडल यज्ञ व्यवस्था में पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है , यज्ञ हेतु पूरे राजस्थान से गायत्री परिवार के परिजन लालसोट पहुंच रहे हैं

*मुख्य उद्देश्य:*

*आत्मिक और भौतिक शक्ति का संवर्धन:* गायत्री मंत्र के जाप और यज्ञ की आहुतियों से व्यक्ति और राष्ट्र को सशक्त बनाना.

*युग निर्माण:* समाज में सकारात्मक बदलाव लाना, नशे जैसी बुराइयों के खिलाफ जागरूकता और नैतिक मूल्यों की स्थापना करना.

*सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जागरण:* सनातन संस्कृति का प्रचार और गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के विचारों को फैलाना.

*आयोजन की विशेषताएँ:*

भव्य कलश यात्रा: हजारों महिलाएं और कन्याएं कलश लेकर नगर भ्रमण करती हैं, जो भक्ति और उत्साह का प्रतीक है.

51 कुण्डों में यज्ञ: 51 अलग-अलग हवन कुंडों में एक साथ आहुतियाँ दी जाती हैं, जिससे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है.

*विभिन्न संस्कार:* यज्ञ के दौरान पुंसवन, नामकरण, विवाह जैसे संस्कार निःशुल्क कराए जाते हैं.

*प्रवचन और संगोष्ठियाँ:* आध्यात्मिक प्रवचन, संगीत और दीप महायज्ञ के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।

यह यज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है जो लोगों को ‘मनुष्य में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग का अवतरण’ के लक्ष्य के साथ जोड़ता है.

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न्यूज डेस्क राजस्थान

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