जयपुर | प्रदेश में बजरी के अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस की सतर्कता शाखा ने 18 व 19 दिसंबर को एक व्यापक डिकॉय ऑपरेशन चलाया। इस गुप्त अभियान में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के बाद पुलिस विभाग में बड़ा एक्शन लिया गया है।
डिकॉय ऑपरेशन के दौरान लापरवाही और मिलीभगत पाए जाने पर पुलिस थाना शिवदासपुरा (जयपुर दक्षिण), पीपलू (टोंक), बरौनी (टोंक), पीसांगन (अजमेर) और कोतवाली (धौलपुर) में पदस्थापित कुल 5 थानाधिकारियों (पुलिस निरीक्षकों) को निलंबित कर दिया गया है।
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वहीं पुलिस थाना गुलाबपुरा (भीलवाड़ा), कुन्हाड़ी (कोटा शहर), नांता (कोटा शहर), लालसोट (दौसा), गंगरार (चित्तौड़गढ़) और लूणी (जोधपुर पश्चिम) के थानाधिकारियों को लाइन हाजिर किया गया है।
सतर्कता शाखा की जांच में यह भी सामने आया कि डिकॉय ऑपरेशन के दौरान 11 पुलिस थानों के कुल 15 पुलिस कार्मिकों की भूमिका संदिग्ध रही। इनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर संबंधित महानिरीक्षक पुलिस (IG) जयपुर, कोटा, भरतपुर और अजमेर को भेज दी गई है।
पुलिस मुख्यालय का स्पष्ट संदेश है कि बजरी माफिया के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में भी ऐसे डिकॉय ऑपरेशन जारी रहेंगे और दोषियों पर सख्त विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

