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मन की शांति ही विश्व शांति का आधार: फरीदाबाद में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा धूमधाम से मनाया गया ‘विश्व ध्यान दिवस’

ब्रह्माकुमारीज़, सेक्टर 16 फरीदाबाद द्वारा आयोजित ‘विश्व ध्यान दिवस’ World Meditation Day


मन की शांति ही विश्व शांति का आधार: फरीदाबाद में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा धूमधाम से मनाया गया ‘विश्व ध्यान दिवस’

फरीदाबाद: संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित ‘विश्व ध्यान दिवस’ (World Meditation Day) को फरीदाबाद सेक्टर-16 स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के सेवा केंद्र पर श्रद्धा, उल्लास और आध्यात्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर आयोजित राजयोग ध्यान सत्र में शहर के गणमान्य नागरिक, युवा, महिलाएं और विभिन्न वर्गों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राजयोग के माध्यम से आंतरिक शक्तियों को जागृत करना, मन की शांति स्थापित करना और तनावमुक्त समाज का निर्माण करना था।

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कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक राजयोग ध्यान से हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने गहन शांति का अनुभव किया। सेवा केंद्र की प्रभारी ब्रह्माकुमारी कंचन दीदी और ब्रह्माकुमारी अंजन दीदी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “आज का मनुष्य बाहरी सुख-सुविधाओं और भौतिकवादी जीवन में शांति की खोज कर रहा है, लेकिन सच्ची शांति तो हमारे अंतर्मन में ही छिपी हुई है। विश्व ध्यान दिवस हमें यह महत्वपूर्ण संदेश देता है कि जब हम स्वयं शांत और स्थिर होते हैं, तभी विश्व में शांति के सकारात्मक प्रकंपन फैला सकते हैं।”

दीदी जी ने आगे समझाते हुए कहा कि राजयोग ध्यान केवल आंखें बंद करके बैठना नहीं है, बल्कि यह आत्मा का परमात्मा से गहरा संबंध जोड़ने की प्रक्रिया है। इससे व्यक्ति अपनी आंतरिक शक्तियों को जागृत कर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।

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सत्र के दौरान कमेंट्री के माध्यम से ‘लाइट हाउस’ (प्रकाश स्तंभ) और ‘माइट हाउस’ (शक्ति भवन) का विशेष ध्यान अभ्यास कराया गया। इस सामूहिक ध्यान से पूरा वातावरण अलौकिक शांति और दिव्य ऊर्जा से भर गया। प्रतिभागियों ने साझा किया कि मात्र कुछ मिनटों के मौन और सकारात्मक चिंतन से मन को नई ताजगी और शक्ति मिलती है, जो रोजमर्रा की भागदौड़ में बेहद आवश्यक है।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने आधुनिक जीवनशैली की चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज उच्च रक्तचाप, अनिद्रा, चिंता और तनाव जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। इनका एकमात्र स्थायी समाधान ध्यान और राजयोग है। ब्रह्माकुमारीज़ केंद्र पर प्रतिभागियों को व्यावहारिक रूप से सिखाया गया कि कार्य करते हुए भी मन को कैसे शांत और संतुलित रखा जा सकता है। कई प्रतिभागियों ने इस अनुभव को जीवन बदलने वाला बताया और नियमित ध्यान अभ्यास करने का संकल्प लिया।

ब्रह्माकुमारीज़ संस्था विश्व भर में राजयोग ध्यान के प्रसार के लिए जानी जाती है और इस वर्ष भी विश्व ध्यान दिवस पर विश्व स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। फरीदाबाद के इस कार्यक्रम ने स्थानीय स्तर पर लोगों को आंतरिक शांति की ओर प्रेरित किया, जो विश्व शांति की आधारशिला है।

यह आयोजन न केवल ध्यान के महत्व को रेखांकित करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि छोटे-छोटे प्रयासों से बड़ा परिवर्तन संभव है। ब्रह्माकुमारीज़ केंद्र नियमित रूप से ऐसे सत्र आयोजित करता रहता है, जहां कोई भी व्यक्ति निःशुल्क राजयोग सीख सकता है।

राजयोग ध्यान के लाभ

राजयोग ध्यान, जैसा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा सिखाया जाता है, एक प्राचीन और सरल ध्यान विधि है। यह खुली आँखों से किया जाने वाला ध्यान है, जिसमें आत्मा का परमात्मा से संबंध जोड़ा जाता है। यह कोई मंत्र जाप या जटिल आसन नहीं, बल्कि यह आत्म-जागृति और आंतरिक शांति की यात्रा है। नियमित अभ्यास से इसके अनेक मानसिक, भावनात्मक, शारीरिक और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होते हैं।

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मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:

  1. आंतरिक शांति और तनाव मुक्ति: राजयोग ध्यान मन को शांत करता है और दैनिक भागदौड़ से राहत प्रदान करता है। यह तनाव, चिंता और नकारात्मक विचारों को कम करता है, जिससे व्यक्ति अधिक संतुलित और खुश महसूस करता है।
  2. मानसिक स्पष्टता और एकाग्रता में वृद्धि: नियमित अभ्यास से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है, स्मरण शक्ति मजबूत होती है और निर्णय लेने की शक्ति विकसित होती है। यह मस्तिष्क की क्षमता को बढ़ाता है।
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  1. भावनात्मक स्थिरता और सकारात्मकता: यह क्रोध, भय और नकारात्मक भावनाओं पर नियंत्रण सिखाता है। व्यक्ति अधिक क्षमाशील, प्रेमपूर्ण और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाता है। आठ आंतरिक शक्तियों (जैसे सहनशक्ति, निर्णय शक्ति आदि) का जागरण होता है।
  2. शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार: ध्यान से रक्तचाप नियंत्रित होता है, अनिद्रा दूर होती है और प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। यह डायबिटीज, हृदय रोग और श्वास संबंधी समस्याओं में भी लाभदायक है।
  3. आध्यात्मिक जागृति और आत्म-सशक्तिकरण: राजयोग से आत्मा की पहचान होती है, परमात्मा से संबंध मजबूत होता है और जीवन में उद्देश्य की अनुभूति होती है। यह पुरानी आदतों से मुक्ति दिलाता है और नई सकारात्मक जीवनशैली अपनाने में मदद करता है।
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Rajyog Meditation

राजयोग ध्यान कोई भी व्यक्ति, किसी भी समय और स्थान पर कर सकता है। यह निःशुल्क सिखाया जाता है और ब्रह्माकुमारी केंद्रों पर नियमित सत्र आयोजित होते हैं। रोजाना कुछ मिनटों का अभ्यास भी जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकता है। यदि आप इसे सीखना चाहें, तो निकटतम ब्रह्माकुमारी केंद्र से संपर्क करें।

राजयोग ध्यान कैसे करें (ब्रह्माकुमारीज़ की विधि अनुसार)

राजयोग ध्यान ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा सिखाया जाने वाला एक सरल, खुली आँखों वाला ध्यान है। यह कोई मंत्र जाप, जटिल आसन या बंद आँखों का अभ्यास नहीं है, बल्कि आत्मा को शांत करके परमात्मा से संबंध जोड़ने की प्रक्रिया है। इसे कोई भी, कहीं भी, किसी भी समय कर सकता है। शुरुआत में सुबह अमृतवेला (सुबह 4-5 बजे) सबसे अच्छा समय है, लेकिन दिन में किसी शांत समय में भी शुरू करें।

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तैयारी

  • एक शांत जगह चुनें जहां कोई व्यवधान न हो।
  • आरामदायक मुद्रा में बैठें – कुर्सी पर या जमीन पर, पीठ सीधी रखें।
  • शुरुआत में 10-15 मिनट से शुरू करें, धीरे-धीरे बढ़ाएं।
  • खुली आँखों से अभ्यास करें, ताकि व्यस्त जीवन में भी इसे अपनाया जा सके।
Brahma Kumaris

सरल 5 चरणों में राजयोग ध्यान करने की विधि

  1. आराम करें (Relax): शरीर को ढीला छोड़ें। गहरी सांस लें और छोड़ें। सभी तनाव को बाहर निकालें। सोचें: “मेरा शरीर शांत हो रहा है… सभी अंग हल्के हो रहे हैं…”
The 4 Paths of Yoga: Raja Yoga, the Yoga of Meditation | FxMed

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  1. मन को शांत करें (Focus the Mind): विचारों को आने-जाने दें, लेकिन उनमें न उलझें। मन को केंद्रित करें। सकारात्मक विचार लाएं, जैसे “मैं शांति का सागर हूँ…”
  2. आत्मा का साक्षात्कार करें (Realize the Self): खुद को शरीर नहीं, बल्कि माथे के बीच में स्थित एक चमकदार बिंदु (आत्मा) समझें। सोचें: “मैं एक शांत, प्रकाशमय आत्मा हूँ… मेरी मूल गुण शांति, प्रेम, पवित्रता हैं…”
  3. परमात्मा से संबंध जोड़ें (Connect with the Supreme): परमात्मा को सर्वोच्च प्रकाश स्वरूप (सुप्रीम सोल) के रूप में याद करें – एक चमकदार बिंदु या प्रकाश का सागर। सोचें: “मैं आत्मा परमात्मा की संतान हूँ… वे शांति, शक्ति और प्रेम के सागर हैं… उनकी किरणें मुझ पर पड़ रही हैं…”
Rajyoga: Remembering Who I Truly Am And Who I Belong To » Brahma ...
  1. शक्ति ग्रहण करें और समाप्त करें (Absorb Power): परमात्मा से शांति, शक्ति आदि गुणों की किरणें खुद में भरते हुए अनुभव करें। अंत में धीरे-धीरे आँखें खोलें और सकारात्मक महसूस करें।

विशेष अभ्यास (कमेंट्री)

ब्रह्माकुमारीज़ में लोकप्रिय अभ्यास जैसे:

  • लाइट हाउस: खुद को प्रकाश का स्तंभ समझें, जो चारों ओर शांति की किरणें फैला रहा है।
  • माइट हाउस: खुद को शक्ति का घर अनुभव करें, जहां सभी आंतरिक शक्तियां जागृत हैं।

दिनभर में ट्रैफिक लाइट पर या काम के बीच 1 मिनट का ‘ट्रैफिक कंट्रोल’ करें – विचारों को रोककर आत्मा और परमात्मा को याद करें।

सलाह

  • शुरुआत में ब्रह्माकुमारीज़ केंद्र पर निःशुल्क 7-दिवसीय राजयोग कोर्स करें, जहां कमेंट्री के साथ अभ्यास कराया जाता है।
  • नियमित अभ्यास से ही गहन अनुभव होता है।
  • ऐप जैसे BeeZone या ब्रह्माकुमारीज़ की वेबसाइट पर गाइडेड मेडिटेशन सुनें।

यह ध्यान जीवन को शांत, सकारात्मक और शक्तिशाली बनाता है। आज ही शुरू करें!

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News Desk

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