शहडोल जिले के ब्यौहारी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत खैरा के ग्राम गाजर के मलईचा टोला में हाथियों का आतंक एक बार फिर सामने आया है।
बीती रात करीब 11 बजे के बाद जंगली हाथियों का झुंड गांव में घुस आया और गरीब किसान नर्मदा साहू के कच्चे मकान को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। घर में रखा अनाज भी हाथियों ने रौंदकर खराब कर दिया, जिससे परिवार के सामने भुखमरी का संकट खड़ा हो गया है।
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घटना के वक्त परिवार किसी तरह जान बचाकर बाहर भागा, लेकिन वर्षों की मेहनत से बनाया गया आशियाना पल भर में उजड़ गया। पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है और भय के साए में रातें काट रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना को 16 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी वन विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। न तो हालात का जायजा लिया गया और न ही किसी तरह की सहायता दी गई।
हाथियों के लगातार हमलों से इलाके के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। पीड़ित नर्मदा साहू और उनका परिवार प्रशासन से तत्काल मुआवजा, सुरक्षा और राहत की गुहार लगा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है।
सवाल उठता है —
क्या वन विभाग किसी बड़ी जनहानि के इंतजार में है?
गरीबों की पीड़ा सुनने वाला आखिर कौन?
प्रशासन और वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

