अतुल्य भारत चेतना | संवाददाता
गोरखपुर, 09 दिसंबर 2025 । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज मंगलवार को भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत की चतुर्थ पुण्यतिथि पर गोरखपुर स्थित सैनिक स्कूल में नव-निर्मित “जनरल बिपिन रावत प्रेक्षागृह” का विधिवत लोकार्पण किया तथा उनकी भव्य प्रतिमा का अनावरण किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनरल बिपिन रावत भारत माता के सच्चे सपूत थे। उनका समूचा जीवन राष्ट्रसेवा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का अनुपम उदाहरण रहा। “आज हम सभी उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए यह संकल्प लेते हैं कि उनकी दिखाई राह पर चलते हुए हम देश की रक्षा और विकास को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँगे।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “सैनिक स्कूल, गोरखपुर में बना यह आधुनिक प्रेक्षागृह और जनरल साहब की प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को सदा प्रेरित करती रहेगी। यह स्थान केवल एक भवन या मूर्ति नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और बलिदान की भावना का जीवंत प्रतीक बनेगा।”

ज्ञातव्य है कि 8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु के कुनूर में हुए हेलीकॉप्टर हादसे में जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत तथा सशस्त्र बलों के 11 अन्य जांबाज़ साथी शहीद हो गए थे। जनरल रावत गोरखपुर के ही सैनिक स्कूल के पूर्व छात्र रहे थे और उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा यहीं से प्राप्त की थी। इसी भावनात्मक लगाव के कारण सैनिक स्कूल परिसर में उनके नाम पर यह भव्य सभागार बनाया गया है।

आधुनिक सुविधाओं से युक्त इस प्रेक्षागृह में 800 से अधिक दर्शक एक साथ बैठ सकते हैं। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम, सेमिनार, प्रशिक्षण सत्र तथा रक्षा एवं रणनीति से जुड़े विमर्श आयोजित किए जा सकेंगे। प्रतिमा का निर्माण प्रसिद्ध शिल्पकारों द्वारा किया गया है, जिसमें जनरल रावत को उनकी वर्दी में गौरवपूर्ण मुद्रा में दर्शाया गया है।

कार्यक्रम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक, थलसेना, वायुसेना एवं अन्य अर्धसैनिक बलों के वरिष्ठ अधिकारी, सैनिक स्कूल के पूर्व एवं वर्तमान छात्र-छात्राएँ तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत के परिजनों से भी मुलाकात की और उन्हें स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
जनरल रावत की पुण्यतिथि पर देश के विभिन्न हिस्सों में भी श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया, किंतु गोरखपुर का यह कार्यक्रम इसलिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह उनकी कर्मभूमि और शिक्षा-दीक्षा की जगह रही है।

मुख्यमंत्री ने अंत में कहा, “जनरल बिपिन रावत जी का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। भारत का प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवा पीढ़ी उनके आदर्शों को आत्मसात कर एक मजबूत, आत्मनिर्भर और सुरक्षित भारत का निर्माण करेगी।”
भारत माता के इस वीर सपूत को कोटि-कोटि नमन! जय हिंद !

