जयपुर। राजस्थान में जल जीवन मिशन में हुई कथित अनियमितताओं पर बड़ी प्रशासनिक और राजनीतिक कार्रवाई सामने आई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) सहित 6 शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ जांच की औपचारिक मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, दो सेवानिवृत्त अधिकारियों सहित कुल 14 अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई को मंजूरी दी गई है।
सरकार के निर्णय के बाद, अब इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच, सेवा नियमों के तहत दंडात्मक कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। यह कदम ऐसे समय में आया है जब जल जीवन मिशन में कथित भ्रष्टाचार, पाइप खरीद में धांधली, पुराने पाइप को नया बताकर भुगतान, और गुणवत्ता संबंधी गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगातार सामने आ रहे थे।
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क्या है मामला?
जल जीवन मिशन में हजारों करोड़ रूपए की परियोजना के कार्यों में:
- घटिया पाइप सामग्री का उपयोग
- अनुमति के बिना HDPE पाइपलाइन डालना
- फर्जी बिल और भुगतान
- बिना कार्य किए राशि उठाना
- जैसे गंभीर आरोप सामने आए थे।
ED द्वारा की गई जांच में भ्रष्टाचार के कई लिंक सामने आने के बाद अब राज्य सरकार ने भी उच्च स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
सरकार का संदेश स्पष्ट
CM भजनलाल शर्मा ने कहा है कि:
“भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता के विकास के पैसे पर डाका डालने वालों को सख्त सजा मिलेगी।”
इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े अधिकारी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।

