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अतुल्य भारत चेतना: वीरेंद्र यादव, मस्तूरी
मस्तूरी। मस्तूरी विधायक एवं पूर्व मंत्री दिलीप लहरिया ने सोमवार को जयरामनगर स्थित धान उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां उपस्थित सैकड़ों किसानों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं को गहराई से समझा। निरीक्षण के बाद विधायक लहरिया ने भाजपा की विष्णुदेव साय सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि धान खरीदी की पूरी व्यवस्था भगवान भरोसे छोड़ दी गई है, जिससे किसानों की जान पर बन आई है।
श्री लहरिया ने कहा, “आज भी किसान टोकन के लिए दर-दर भटक रहे हैं। ऑफलाइन टोकन के लिए समिति के चक्कर लगाते-लगाते थक चुके हैं। 70% ऑनलाइन और मात्र 30% ऑफलाइन टोकन का नियम किसानों पर जुल्म बन गया है। महासमुंद में तो टोकन न मिलने के कारण एक किसान ने आत्महत्या की कोशिश तक कर ली। यह घटना भाजपा सरकार की नाकामी का जीता-जागता सबूत है।”
विधायक ने चेतावनी दी कि मौजूदा हालात में 31 जनवरी तक सभी पंजीकृत किसानों का धान खरीद पाना नामुमकिन है। उन्होंने तत्काल मांग की है कि:
- ऑनलाइन और ऑफलाइन टोकन का अनुपात 50-50 प्रतिशत किया जाए।
- सभी समितियों में प्रतिदिन खरीदी सीमा को तुरंत बढ़ाया जाए।
- रकबा कटौती की समस्या का स्थायी समाधान हो और पटवारी-तहसील के अनावश्यक चक्कर बंद हों।
- एग्रीटेक पोर्टल में पंजीकृत हर किसान का पूरा धान बिना किसी भेदभाव के खरीदा जाए।
श्री लहरिया ने कहा, “भाजपा सरकार देर से खरीदी शुरू करने, कम लिमिट लगाने और तकनीकी खामियों के कारण किसानों को उनकी ही फसल बेचने के लिए अपमानित होना पड़ रहा है। अगर सरकार सचमुच किसान हितैषी है तो तुरंत सुधार करे, वरना जनता इसका हिसाब मांगेगी।”
निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे, जिन्होंने विधायक के सामने अपनी व्यथा सुनाई और अव्यवस्था के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया।

