राज्य सरकार ने दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से दुग्ध प्रोसेसिंग यूनिटों में नई आधुनिक मशीनें लगाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। नई तकनीक की मदद से न केवल दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी बल्कि किसानों को उनके दूध का बेहतर मूल्य भी मिलेगा।
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से राज्य में डेयरी सेक्टर में क्रांति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत जिलों में संचालित दूध कलेक्शन सेंटरों की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ नई मशीनें स्थापित करने की योजना बनाई गई है।
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दुग्ध संघ की अध्यक्ष प्रभा रावत ने बताया कि खटीमा में 50 हजार लीटर क्षमता वाली मुख्य प्रोसेसिंग यूनिट का निर्माण वर्ष 2001 में हुआ था, लेकिन इसका अब तक पूर्ण रूप से कायाकल्प नहीं हो पाया है। प्रस्ताव के अनुसार इस यूनिट में कई आधुनिक मशीनें स्थापित की जाएंगी, जिससे प्रोसेसिंग क्षमता में व्यापक सुधार होगा और दुग्ध समितियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
खटीमा यूनिट में पुरानी मशीनरी होने के कारण उत्पादों का अधिक उत्पादन और सुरक्षित भंडारण संभव नहीं है। यहां तैयार पनीर को दो दिनों से अधिक रखना मुश्किल हो जाता है, जबकि नई मशीनों से इसे एक सप्ताह तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। इसी तरह रुद्रपुर यूनिट की क्षमता को 5 हजार लीटर से बढ़ाकर 10 हजार लीटर करने का भी प्रस्ताव भेजा गया है।
दुग्ध संघ के प्रधान प्रबंधक राजेश मेहता के अनुसार राज्य स्तर पर बैठक कर प्रस्ताव एनडीडीबी को भेज दिया गया है। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने पर आधुनिक मशीनों की स्थापना शुरू की जाएगी, जिससे दुग्ध उत्पादकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

