अतुल्य भारत चेतना | प्रमोद रजक
मस्तूरी (बिलासपुर)। कड़कड़ाती ठंड से बच्चों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला कौवाताल (संकुल कन्या सीपत, विकासखंड मस्तूरी) में सोमवार को गर्म स्वेटर वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम मटियारी के मालगुजार स्व. बद्री प्रसाद अग्रवाल जी की स्मृति में उनके सुपुत्रों – जनपद सदस्य बिल्हा श्री अवधेश अग्रवाल एवं सरगुजा एसएसपी श्री राजेश अग्रवाल – द्वारा आयोजित किया गया।

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कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सरपंच कौवाताल श्री जय सिंह सिदार ने की, जबकि मुख्य अतिथि जनपद सदस्य बिल्हा एवं जिला भाजपा उपाध्यक्ष श्री अवधेश अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथि सरपंच कौवाताल श्री बसंत साहू रहे। अन्य सम्माननीय अतिथियों में पूर्व सरपंच मटियारी, सौखीलाल साहू, दिलहरण साहू, राजेंद्र सूर्यवंशी, शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, श्रीमती आकांक्षा केवट आदि उपस्थित रहे।


कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। इस अवसर पर डॉ. अम्बेडकर के ६९वें महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।


मुख्य अतिथि श्री अवधेश अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि “शिक्षा से ही संस्कार का विकास होता है” और बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने तथा अच्छी शिक्षा ग्रहण करने की प्रेरणा दी। विशिष्ट अतिथि सरपंच श्री बसंत साहू ने भी बच्चों को अनुशासन एवं पढ़ाई के प्रति समर्पण की शुभकामनाएं दीं।

इसके पश्चात सभी अतिथियों ने अपने कर-कमलों से ११० बच्चों को गर्म स्वेटर वितरित किए। स्वेटर पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।
कार्यक्रम का सफल संचालन संकुल शैक्षिक समन्वयक एवं प्रधान पाठक श्री प्रमोद कुमार पाण्डेय ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन प्रधान पाठक श्री रामकिशुन सूर्यवंशी ने किया।

इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री शिवराम टंडन एवं विकासखंड स्त्रोत समन्वयक श्री सूरज क्षत्री का प्रेरणादायी मार्गदर्शन सराहनीय रहा। कार्यक्रम में मोहन लाल बघेल, कमलेश कुर्रे, अशोक टोप्पो, सुनील गौरहा, मुक्तिदानी टोप्पो, रामेश्वरी कैवर्त सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल ठंड से बच्चों को सुरक्षा प्रदान करने का माध्यम बना, बल्कि शिक्षा और संस्कार के प्रति समाज की जागरूकता का भी प्रतीक बना।

