जयपुर। राजस्थान में स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत नकली और निम्न गुणवत्ता वाली दवाइयों के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। औषधि नियंत्रण संगठन की टीम ने जयपुर स्थित जीके एंटरप्राइजेज पर छापा मारकर लगभग 3.73 करोड़ रुपए मूल्य की नकली और गैर-मानक दवाइयां जब्त की हैं। यह कार्रवाई Tab Wincet L और Tab Algiwin M जैसी दवाइयों की बिक्री की शिकायत पर की गई, जिनका उत्पादन वाई एल फार्मा, बद्दी (हिमाचल प्रदेश) द्वारा किया जा रहा था।
जांच के दौरान सामने आया कि फर्म के साझेदार गिरिराज अजमेड़ा ने दावा किया कि उन्होंने 2019 में साझेदारी छोड़ दी थी, लेकिन इसके बावजूद दूसरे साझेदार खेमचंद ने बिना नए लाइसेंस के दवा का कारोबार जारी रखा। दवा नियंत्रण कानून के अनुसार, फर्म की संरचना बदलने पर 3 महीने के भीतर नया लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है, लेकिन फर्म ने इस नियम की पूरी तरह अनदेखी की।
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ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने कहा कि इस मामले में आगे कानूनी कार्रवाई के लिए आरोपियों की कस्टडी के लिए कोर्ट में एप्लीकेशन पेश की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई प्रदेश में नकली और खतरनाक दवाइयों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे सख्त अभियान का हिस्सा है।
टीम द्वारा खेमचंद और जीके एंटरप्राइजेज पर बिना लाइसेंस दवा बिक्री और गैर-मानक दवाइयों की सप्लाई का मामला दर्ज किया गया है। दवा नियंत्रण विभाग अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रहा है।

